विकास का पारा : पसीने से लथपथ, मगर आश्वस्त

भारत में “विकास और जलवायु संकट” का असंतुलन बढ़ रहा है।”वृक्षों की कटाई और प्रदूषण” से तापमान में वृद्धि हुई है। समाधान हेतु ‘सौर ऊर्जा और जन-भागीदारी’ अनिवार्य है।

Read more

Continue reading